साहित्य2- Page

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साहित्य मुख्यतः दो विधाओं में रचा जाता है। जिसे हम गद्य और पद्य कहते हैं गद्य में कहानी नाटक उपन्यास आदि विधा आती हैं जबकि पद्य में प्रबंध,  मुक्तक, कविता,

कार्यालयी हिन्दी

जब आपको अपने मन की बात, भाव, विचार, आदि  किसी दूसरे व्यक्ति से साझा करना हो तो आप किसी ने किसी भाषा का सहारा लेते हैं। हम जिस भाषा में

टिप्पण क्या है?

टिप्पण का नाम अक्सर हम सरकारी कार्यालयों के कामकाज में सुनते रहते हैं। जिसको इंग्लिश में नोट बोलते हैं। आज हम इसी विषय को जानेंगे और पढ़ेंगे की टिप्पण होता

हिन्दी कहानी

कहानी कहने और सुनने की परम्परा भारतवर्ष में बहुत पहले से है। भारतीय कहानी का एक रूप कादम्बरी में मिलता है और दूसरा विष्णु शर्मा द्वारा रचित पंचतन्त्र में। पंचतन्त्र

समीक्षा- 'तीसरी कसम' फणीश्वर नाथ 'रेणु'

हिंदी कथा-साहित्य में आंचलिक चेतना को कलात्मक गरिमा और साहित्यिक प्रतिष्ठा प्रदान करने वाले रचनाकारों में फणीश्वरनाथ रेणु का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण और विशिष्ट है। रेणु ने हिंदी कहानी को

कहानी : स्वरूप और विशेषताएँ

यदि हम ‘कहानी’ के अर्थ की बात करें तो ‘कहानी’ शब्द पाश्चात्य अंग्रेजी के ‘शॉर्ट स्टोरी’ का समानार्थी है। जिसका शाब्दिक अर्थ होता है ‘कहना’। वही संस्कृत में ‘कथ’ धातु

समीक्षा- कोसी का घटवार ~शेखर जोशी

कोसी का घटवार कहानी शेखर जोशी द्वारा लिखी गई है। यह कहानी 1958 में प्रकाशित हुई। कोसी का घटवार पूर्वदिप्ति शैली में लिखी गई एक आंचलिक कहानी है। कहानी में

समीक्षा, परिंदे~ निर्मल वर्मा

परिंदे, निर्मल वर्मा द्वारा रचित एक प्रसिद्ध यद्यपि आरम्भिक कहानी है। यह कहानी पूर्व दीप्ति शैली (फ्लैशबैक शैली), प्रतीकात्मक शैली तथा मनोविश्लेषणात्मक शैली के गुंफन से अपना आकार ग्रहण करता

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