कभी अपने अखाड़ों में विरोधियों को चित करने वाले पहलवान जब राजनीतिक जीवन में प्रवेश करते हैं तो, वहां भी अपने विरोधियों को उसी धोबी पछाड़ के साथ चित्त करते
कभी अपने अखाड़ों में विरोधियों को चित करने वाले पहलवान जब राजनीतिक जीवन में प्रवेश करते हैं तो, वहां भी अपने विरोधियों को उसी धोबी पछाड़ के साथ चित्त करते