‘भारत-दुर्दशा’ नाटक को स्वयं भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने ‘नाट्यरासक’ को संज्ञा दी है, जो नवीन नाट्य-पद्धति का अनुकर्ता है। वस्तुतः नाट्य-रासक १८ उपरूपको में से एक है। नाट्य-रासक का लक्षण बताते
‘भारत-दुर्दशा’ नाटक को स्वयं भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने ‘नाट्यरासक’ को संज्ञा दी है, जो नवीन नाट्य-पद्धति का अनुकर्ता है। वस्तुतः नाट्य-रासक १८ उपरूपको में से एक है। नाट्य-रासक का लक्षण बताते